HTTP 200 OK
Allow: GET, HEAD, OPTIONS
Content-Type: application/json
Vary: Accept
{
"count": 17752,
"next": "http://admin.kavishala.in/sootradhar/authors/?format=api&page=711",
"previous": "http://admin.kavishala.in/sootradhar/authors/?format=api&page=709",
"results": [
{
"id": 28674,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%B6_%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A4%B2.png",
"name": "सोमेश शुक्ल",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">नई पीढ़ी के कवि। काव्य-शिल्प के लिए उल्लेखनीय <div class=\"poetProfileDesc\">\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">मूल नाम :</span><span> सोमेश शुक्ल</span></p>\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">जन्म :</span><span>फ़रीदाबाद, हरियाणा</span></p>\r\n</div> <br> <p>सोमेश शुक्ल हिंदी के नए कवियों में से एक हैं, जिनकी कुछ कविताएँ कुछ प्रकाशन माध्यमों से प्रकाश में आई हैं। उनके काव्य-शिल्प ने ध्यान खींचा है। उनकी उपस्थिति और कविताओं में एक आध्यात्मिक और व्यग्र विवेक है। हालाँकि वह कुछ खींचने और मंच पर चढ़ने की जल्दबाज़ी में नहीं हैं। उन्हें कविता में अपने अंदर की चुप्पियों को सुनने के प्रयास में भी पकड़ा गया है",
"raw_bio": "नई पीढ़ी के कवि। काव्य-शिल्प के लिए उल्लेखनीय मूल नाम : सोमेश शुक्ल जन्म : फ़रीदाबाद, हरियाणा सोमेश शुक्ल हिंदी के नए कवियों में से एक हैं, जिनकी कुछ कविताएँ कुछ प्रकाशन माध्यमों से प्रकाश में आई हैं। उनके काव्य-शिल्प ने ध्यान खींचा है। उनकी उपस्थिति और कविताओं में एक आध्यात्मिक और व्यग्र विवेक है। हालाँकि वह कुछ खींचने और मंच पर चढ़ने की जल्दबाज़ी में नहीं हैं। उन्हें कविता में अपने अंदर की चुप्पियों को सुनने के प्रयास में भी पकड़ा गया है",
"slug": "somesa-sukla",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "फ़रीदाबाद, हरियाणा",
"url": "/sootradhar/somesa-sukla",
"tags": "नई कविता,नई पीढ़ी",
"created": "2024-01-11T16:50:13.554850",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28675,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%A8_%E0%A4%B8%E0%A4%B9_%E0%A4%AE%E0%A4%B6.png",
"name": "सोहन सिंह मीशा",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">आधुनिक पंजाबी कविता के प्रमुख रोमांटिक, यथार्थवादी कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।</p> <div class=\"poetProfileDesc\">\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">उपनाम :</span><span> 'सोहन सिंह मीशा'</span\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">जन्म :</span><span><bdi id=\"poetDOB\"> 30/08/1934</bdi> | कपूरथला, पंजाब</span\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">निधन :</span><span><bdi id=\"poetDOD\"> 22/09/1986</bdi> | कपूरथला, पंजाब</span\r\n</div> <br> <p",
"raw_bio": "आधुनिक पंजाबी कविता के प्रमुख रोमांटिक, यथार्थवादी कवि। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित। उपनाम : 'सोहन सिंह मीशा' जन्म : 30/08/1934 | कपूरथला, पंजाब निधन : 22/09/1986 | कपूरथला, पंजाब ",
"slug": "sohana-sinha-misa",
"DOB": "1934-08-30",
"DateOfDemise": "1986-09-22",
"location": "कपूरथला, पंजाब",
"url": "/sootradhar/sohana-sinha-misa",
"tags": "",
"created": "2024-01-11T16:50:14.096804",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28676,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%AF_%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%AF.png",
"name": "सौम्य मालवीय",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">नई पीढ़ी से संबद्ध सुपरिचित कवि-लेखक। 'घर एक नामुमकिन जगह है' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।</p> <div class=\"poetProfileDesc\">\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">मूल नाम :</span><span> सौम्य मालवीय</span\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">जन्म :</span><span><bdi id=\"poetDOB\"> 25/05/1987</bdi> | इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश</span\r\n</div> <br> <p",
"raw_bio": "नई पीढ़ी से संबद्ध सुपरिचित कवि-लेखक। 'घर एक नामुमकिन जगह है' शीर्षक से एक कविता-संग्रह प्रकाशित। भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित। मूल नाम : सौम्य मालवीय जन्म : 25/05/1987 | इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश ",
"slug": "saumya-malaviya",
"DOB": "1987-05-25",
"DateOfDemise": null,
"location": "इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश",
"url": "/sootradhar/saumya-malaviya",
"tags": "नई कविता,नई पीढ़ी",
"created": "2024-01-11T16:50:17.339574",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28677,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AD_%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%A4.png",
"name": "सौरभ अनंत",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">नई पीढ़ी से संबद्ध कवि-लेखक और कलाकार।</p> <div class=\"poetProfileDesc\">\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">जन्म :</span><span><bdi id=\"poetDOB\"> 25/09/1984</bdi> | उज्जैन, मध्य प्रदेश</span\r\n</div> <br> <p>सौरभ अनंत हिंदी की नई पीढ़ी के कवि-लेखक और कलाकार हैं। उनकी कहन कविता में प्रेम और सौंदर्य को फिर-फिर बसाने वाली कहन है। <br/><br/>मूलतः रंगमंच-निर्देशक के रूप में कार्यशील सौरभ अनंत फाइन आर्ट्स में स्नातक हैं। दृश्य, श्रव्य तथा प्रदर्शनकारी कलाओं में स्वाभाविक रुचि होने के कारण उनके भीतर संवेदनशीलता, वैचारिकता तथा सौंदर्यबोध का सहज विकास हुआ। इसकी ही अभिव्यक्ति गहरी साहित्यिक रुचि और कविता-लेखन में भी हो रही है। <br/><br/>भोपाल के भारत भवन के प्रश्रय में संगीत, नृत्य, रंगमंच, चित्र एवं मूर्तिकला की परम्पराओं और नवाचारों से उनका परिचय होता रहा। फलस्वरूप भारतीय नाट्य परंपरा में प्रयोगधर्मिता का समावेश करते हुए ऐसे रंगकर्म की खोज में अग्रसर हुए जिसमें हमारे समय के सामाजिक सरोकारों के साथ गहरा सौंदर्यबोध भी हो। वर्ष 2011 में 'विहान' की स्थापना युवा कलाधर्मियों को प्रोत्साहन तथा मंच देने के उद्देश्य से की। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. धर्मवीर भारती की सुप्रसिद्ध काव्य-रचना 'कनुप्रिया' से निर्देशन का आरंभ किया। इसके अतिरिक्त, विजयदान देथा की कहानी 'सपनप्रिया', लोकशैली पर आधारित 'एक कहानी बस्तर की' साहित्यिक कहानी पर आधारित नाटक ‘प्रेम पतंगा' का निर्देशन किया। महामात्य वत्सराज द्वारा लिखित संस्कृत प्रहसन ‘हास्यचूड़ामणि’ का बुंदेली बोली में रंग-निर्देशन, तेत्सुको कोरियानागी की आत्मकथा 'तोत्तो चान' का हिंदी में रंग-आलेख तथा निर्देशन, ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य कार्यशाला में 'चरनदास चोर’ का निर्देशन आदि उनकी अन्य उपलब्धियाँ हैं। उनकी अभिरुचि चित्रकला में भी रही है और इंदौर, जयपुर, अहमदाबाद जैसे कई शहरों में उनकी पेंटिंग्स का प्रदर्शन हुआ है। <br/><br/",
"raw_bio": "नई पीढ़ी से संबद्ध कवि-लेखक और कलाकार। जन्म : 25/09/1984 | उज्जैन, मध्य प्रदेश सौरभ अनंत हिंदी की नई पीढ़ी के कवि-लेखक और कलाकार हैं। उनकी कहन कविता में प्रेम और सौंदर्य को फिर-फिर बसाने वाली कहन है। मूलतः रंगमंच-निर्देशक के रूप में कार्यशील सौरभ अनंत फाइन आर्ट्स में स्नातक हैं। दृश्य, श्रव्य तथा प्रदर्शनकारी कलाओं में स्वाभाविक रुचि होने के कारण उनके भीतर संवेदनशीलता, वैचारिकता तथा सौंदर्यबोध का सहज विकास हुआ। इसकी ही अभिव्यक्ति गहरी साहित्यिक रुचि और कविता-लेखन में भी हो रही है। भोपाल के भारत भवन के प्रश्रय में संगीत, नृत्य, रंगमंच, चित्र एवं मूर्तिकला की परम्पराओं और नवाचारों से उनका परिचय होता रहा। फलस्वरूप भारतीय नाट्य परंपरा में प्रयोगधर्मिता का समावेश करते हुए ऐसे रंगकर्म की खोज में अग्रसर हुए जिसमें हमारे समय के सामाजिक सरोकारों के साथ गहरा सौंदर्यबोध भी हो। वर्ष 2011 में 'विहान' की स्थापना युवा कलाधर्मियों को प्रोत्साहन तथा मंच देने के उद्देश्य से की। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. धर्मवीर भारती की सुप्रसिद्ध काव्य-रचना 'कनुप्रिया' से निर्देशन का आरंभ किया। इसके अतिरिक्त, विजयदान देथा की कहानी 'सपनप्रिया', लोकशैली पर आधारित 'एक कहानी बस्तर की' साहित्यिक कहानी पर आधारित नाटक ‘प्रेम पतंगा' का निर्देशन किया। महामात्य वत्सराज द्वारा लिखित संस्कृत प्रहसन ‘हास्यचूड़ामणि’ का बुंदेली बोली में रंग-निर्देशन, तेत्सुको कोरियानागी की आत्मकथा 'तोत्तो चान' का हिंदी में रंग-आलेख तथा निर्देशन, ग्रीष्मकालीन बाल नाट्य कार्यशाला में 'चरनदास चोर’ का निर्देशन आदि उनकी अन्य उपलब्धियाँ हैं। उनकी अभिरुचि चित्रकला में भी रही है और इंदौर, जयपुर, अहमदाबाद जैसे कई शहरों में उनकी पेंटिंग्स का प्रदर्शन हुआ है। ",
"slug": "saurabha-ananta",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "उज्जैन, मध्य प्रदेश",
"url": "/sootradhar/saurabha-ananta",
"tags": "नई कविता,नई पीढ़ी",
"created": "2024-01-11T16:50:17.996043",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28678,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AD_%E0%A4%95%E0%A4%AE%E0%A4%B0.png",
"name": "सौरभ कुमार",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">नई पीढ़ी के कवि।</p> ",
"raw_bio": "नई पीढ़ी के कवि। ",
"slug": "saurabha-kumara",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "भागलपुर, बिहार",
"url": "/sootradhar/saurabha-kumara",
"tags": "",
"created": "2024-01-11T16:50:18.683607",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28679,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AD_%E0%A4%AE%E0%A4%B6%E0%A4%B0.png",
"name": "सौरभ मिश्र",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">नई पीढ़ी के कवि-लेखक।</p> ",
"raw_bio": "नई पीढ़ी के कवि-लेखक। ",
"slug": "saurabha-misra",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "दरभंगा, बिहार",
"url": "/sootradhar/saurabha-misra",
"tags": "",
"created": "2024-01-11T16:50:19.367296",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28680,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AD_%E0%A4%B0%E0%A4%AF.png",
"name": "सौरभ राय",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">सुपरिचित कवि-लेखक और अनुवादक। साहित्यिक पत्रकारिता से भी संबद्ध।</p> <div class=\"poetProfileDesc\">\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">मूल नाम :</span><span> सौरभ राय</span\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">जन्म :</span><span>बोकारो, झारखंड</span\r\n</div> <br> <p>बोकारो, झारखंड में जन्मे सौरभ राय हिंदी की नई नस्ल से वाबस्ता कवि-लेखक और अनुवादक हैं। वह अँग्रेज़ी में भी लेखन करते हैं और साहित्यिक पत्रकारिता से संबद्ध रहे हैं। वह संप्रति शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन और निफ्ट, बेंगलुरु के साथ कार्य किया है। <br/>‘यायावर’, ‘उत्तिष्ठ भारत’ और ‘अनभ्र रात्रि की अनुपमा’ उनके तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हैं। उन्होंने बेंगलुरु के तीस समकालीन कवियों की कविताओं का संकलन ‘कर्णकविता’ शीर्षक से किया है। कविताओं के अतिरिक्त उनकी रुचि नाटक और अनुवाद में रही है और इस क्रम में ‘अभिषेक मजुमदार: तीन नाटक’ का संपादन किया है जबकि अनुवाद की एक कृति ‘होवार्ड ज़िन: सोहो में मार्क्स’ शीर्षक से प्रकाशित है। उन्होंने जापानी हाइकू का अनुवाद ‘ओस की पृथ्वी’ शीर्षक से प्रकाशित किया है। <br/",
"raw_bio": "सुपरिचित कवि-लेखक और अनुवादक। साहित्यिक पत्रकारिता से भी संबद्ध। मूल नाम : सौरभ राय जन्म : बोकारो, झारखंड बोकारो, झारखंड में जन्मे सौरभ राय हिंदी की नई नस्ल से वाबस्ता कवि-लेखक और अनुवादक हैं। वह अँग्रेज़ी में भी लेखन करते हैं और साहित्यिक पत्रकारिता से संबद्ध रहे हैं। वह संप्रति शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन और निफ्ट, बेंगलुरु के साथ कार्य किया है। ‘यायावर’, ‘उत्तिष्ठ भारत’ और ‘अनभ्र रात्रि की अनुपमा’ उनके तीन काव्य-संग्रह प्रकाशित हैं। उन्होंने बेंगलुरु के तीस समकालीन कवियों की कविताओं का संकलन ‘कर्णकविता’ शीर्षक से किया है। कविताओं के अतिरिक्त उनकी रुचि नाटक और अनुवाद में रही है और इस क्रम में ‘अभिषेक मजुमदार: तीन नाटक’ का संपादन किया है जबकि अनुवाद की एक कृति ‘होवार्ड ज़िन: सोहो में मार्क्स’ शीर्षक से प्रकाशित है। उन्होंने जापानी हाइकू का अनुवाद ‘ओस की पृथ्वी’ शीर्षक से प्रकाशित किया है। ",
"slug": "saurabha-raya",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "बोकारो, झारखंड",
"url": "/sootradhar/saurabha-raya",
"tags": "नई कविता,नई पीढ़ी",
"created": "2024-01-11T16:50:19.984863",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28681,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%AD_%E0%A4%B8%E0%A4%B9_%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A4%B0.png",
"name": "सौरभ सिंह क्रांतिकारी",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">नई पीढ़ी के कवि-लेखक। 'भीड़ के पार' और 'सोया हुआ शहर' शीर्षक से दो कविता-संग्रह प्रकाशित।</p> <div class=\"poetProfileDesc\">\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">जन्म :</span><span><bdi id=\"poetDOB\"> 20/06/1995</bdi> | बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश</span\r\n</div> <br> <p><quillbot-extension-portal></quillbot-extension-portal",
"raw_bio": "नई पीढ़ी के कवि-लेखक। 'भीड़ के पार' और 'सोया हुआ शहर' शीर्षक से दो कविता-संग्रह प्रकाशित। जन्म : 20/06/1995 | बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश ",
"slug": "saurabha-sinha-krantikari",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश",
"url": "/sootradhar/saurabha-sinha-krantikari",
"tags": "",
"created": "2024-01-11T16:50:20.521003",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28682,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A4%B0_%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A4%95.png",
"name": "सौरीन्द्र बारिक",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">सुपरिचित ओड़िया कवि और उपन्यासकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।</p> ",
"raw_bio": "सुपरिचित ओड़िया कवि और उपन्यासकार। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित। ",
"slug": "saurindra-barika",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "मयूरभंज, ओड़ीशा",
"url": "/sootradhar/saurindra-barika",
"tags": "",
"created": "2024-01-11T16:50:21.070337",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28683,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%B0_%E0%A4%AE%E0%A4%B6%E0%A4%B0.png",
"name": "अंकुर मिश्र",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">असमय दिवंगत कवि। हिंदी और अँग्रेज़ी में लिखी कविताओं का एक संग्रह 'उड़ान' शीर्षक से मरणोपरांत प्रकाशित।</p> <div class=\"poetProfileDesc\">\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">मूल नाम :</span><span> अंकुर मिश्र</span\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">जन्म :</span><span><bdi id=\"poetDOB\"> 13/07/1980</bdi> | दिल्ली</span\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">निधन :</span><span><bdi id=\"poetDOD\"> 26/08/2001</bdi> | दिल्ली</span\r\n</div> <br> <p><p>अंकुर मिश्र एक उभरती हुई प्रतिभा थे। बेचैनी उनके साथ ही पैदा हुई थी। स्कूल में वह पढ़ाई के संग-संग वाद-विवाद, खेल-कूद और अन्य प्रतिस्पर्द्धात्मक गतिविधियों में भी उत्साह एवं तन्मयता से सबसे आगे-आगे भाग लेते थे। स्कूल के अंतिम वर्षों में आते-आते यह बेचैनी कला की विभिन्न विधाओं में अभिव्यक्ति पाने लगी थी। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से इतिहास (ऑनर्स) की परीक्षा 2001 में पास की। कॉलेज की नाट्य-संस्था ‘शून्य’ के वह अध्यक्ष भी रहे। साथ ही, अपने सरोकारों के अनुरूप ‘पैंडीज़’ तथा ‘एक्ट वन’ जैसे सक्रिय नाट्य-समूहों से भी जुड़े और कई रंगमंचीय प्रस्तुतियों में अभिनय व अन्य सृजनात्मक क्षेत्रों में शामिल रहे।<br/><br/>परिवार में साहित्य एवं कला के प्रति रूझान ने शायद उन्हें एक स्वाभाविक पृष्ठभूमि प्रदान की, लेकिन अंतिम तौर पर उन्होंने साहित्य व रंगकर्म को अभिव्यक्ति के लिए चुना। जैसे-जैसे वह जीवन के मर्म और रंगकर्म की बारीकियों से परिचित होते जा रहे थे, वैसे-वैसे सहज ही कविता व संगीत के प्रति आकर्षण गहराता जा रहा था। उनकी कविताओं का शिल्प नितांत अनगढ़ लगता है। कहीं-कहीं जैसे एक मौन और कहीं एक छलाँग—ये अंतराल वे हैं जो किसी और इंगित से भरे व समझे जाने वाले हैं।</p><p style=\"text-align:right;\"><strong>अंकुर मिश्र के कविता-संग्रह ‘उड़ान’ के फ़्लैप से साभार।</strong><br/<p style=\"margin-bottom:0cm;margin-bottom:.0001pt;\"><span lang=\"HI\" style=\"font-family:'Arial Unicode MS','sans-serif';\"> </span</p>",
"raw_bio": "असमय दिवंगत कवि। हिंदी और अँग्रेज़ी में लिखी कविताओं का एक संग्रह 'उड़ान' शीर्षक से मरणोपरांत प्रकाशित। मूल नाम : अंकुर मिश्र जन्म : 13/07/1980 | दिल्ली निधन : 26/08/2001 | दिल्ली अंकुर मिश्र एक उभरती हुई प्रतिभा थे। बेचैनी उनके साथ ही पैदा हुई थी। स्कूल में वह पढ़ाई के संग-संग वाद-विवाद, खेल-कूद और अन्य प्रतिस्पर्द्धात्मक गतिविधियों में भी उत्साह एवं तन्मयता से सबसे आगे-आगे भाग लेते थे। स्कूल के अंतिम वर्षों में आते-आते यह बेचैनी कला की विभिन्न विधाओं में अभिव्यक्ति पाने लगी थी। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज से इतिहास (ऑनर्स) की परीक्षा 2001 में पास की। कॉलेज की नाट्य-संस्था ‘शून्य’ के वह अध्यक्ष भी रहे। साथ ही, अपने सरोकारों के अनुरूप ‘पैंडीज़’ तथा ‘एक्ट वन’ जैसे सक्रिय नाट्य-समूहों से भी जुड़े और कई रंगमंचीय प्रस्तुतियों में अभिनय व अन्य सृजनात्मक क्षेत्रों में शामिल रहे। परिवार में साहित्य एवं कला के प्रति रूझान ने शायद उन्हें एक स्वाभाविक पृष्ठभूमि प्रदान की, लेकिन अंतिम तौर पर उन्होंने साहित्य व रंगकर्म को अभिव्यक्ति के लिए चुना। जैसे-जैसे वह जीवन के मर्म और रंगकर्म की बारीकियों से परिचित होते जा रहे थे, वैसे-वैसे सहज ही कविता व संगीत के प्रति आकर्षण गहराता जा रहा था। उनकी कविताओं का शिल्प नितांत अनगढ़ लगता है। कहीं-कहीं जैसे एक मौन और कहीं एक छलाँग—ये अंतराल वे हैं जो किसी और इंगित से भरे व समझे जाने वाले हैं। अंकुर मिश्र के कविता-संग्रह ‘उड़ान’ के फ़्लैप से साभार। ",
"slug": "ankura-misra",
"DOB": "1980-07-13",
"DateOfDemise": "2001-08-26",
"location": "दिल्ली",
"url": "/sootradhar/ankura-misra",
"tags": "",
"created": "2024-01-12T15:15:52.142459",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28684,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%A4_%E0%A4%86%E0%A4%A8%E0%A4%A6.png",
"name": "अंकिता आनंद",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">नई पीढ़ी की कवयित्री। स्त्रीवादी विचारों के लिए उल्लेखनीय।</p> <div class=\"poetProfileDesc\">\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">मूल नाम :</span><span> अंकिता आनंद</span\r\n<p><span class=\"pPDTitle\">जन्म :</span><span>राँची, झारखंड</span\r\n</div> <br> <p",
"raw_bio": "नई पीढ़ी की कवयित्री। स्त्रीवादी विचारों के लिए उल्लेखनीय। मूल नाम : अंकिता आनंद जन्म : राँची, झारखंड ",
"slug": "ankita-ananda",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "राँची, झारखंड",
"url": "/sootradhar/ankita-ananda",
"tags": "स्त्री कवि,नई कविता,नई पीढ़ी",
"created": "2024-01-12T15:16:53.882916",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
},
{
"id": 28685,
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_author/%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%A4_%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A4%B0.png",
"name": "अंकिता रासुरी",
"bio": "<p class=\"poetDetailPara\">नई पीढ़ी की सुपरिचित कवयित्री।</p> ",
"raw_bio": "नई पीढ़ी की सुपरिचित कवयित्री। ",
"slug": "ankita-rasuri",
"DOB": null,
"DateOfDemise": null,
"location": "",
"url": "/sootradhar/ankita-rasuri",
"tags": "",
"created": "2024-01-12T15:16:54.593053",
"is_has_special_post": false,
"is_special_author": false,
"language": 4
}
],
"description": "<p style=\"text-align: center; font-size: 24px;\"> The Great Poets and Writers in Indian and World History! </p>",
"image": "https://kavishalalab.s3.ap-south-1.amazonaws.com/sootradhar_description/black.jpg"
}